पश्चिम चंपारण (नरकटियागंज):- रेलगाड़ी के चालक और उपचालक के सुझबुझ का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है हालांकि इस वायरल वीडियो की पुष्टि कुश मीडिया ट्वेंटी फोर नहीं करता है।
यह वायरल वीडियो बगहा का बताया जा रहा है जहां पैसेंजर ट्रेन में गड़बड़ी आने से ट्रेन बीच रास्ते में ही बंद हो गया जिससे ट्रेन बीच पुल के पास जा रुका ।
इस तरह के गड़बड़ी को देखते हुए ट्रेन के लोको पायलट और को-लोको पायलट ने अपनी जान की बाजी लगाकर बीच पुल पर खड़ी ट्रेन को मरम्मत करने में जुट गए और ट्रेन को आई गड़बड़ी को सुधारकर करने के बाद रेलगाड़ी को आगे बढ़ाया गया
बताते चले कि लोको पायलट ट्रेन और ट्रैक के बीच रेंगते हुए फॉल्ट वाली जगह तक पहुंचे। वहीं साथी ने पुल से लटक कर तार खींचा, जिससे ट्रेन फिर से स्टार्ट हो सकी। इस पूरे कारनामे का वीडियो सामने आया है।
दरअसल, गोरखपुर से नरकटियागंज तक जाने वाली 05497 सवारी गाड़ी के इंजन में एयर लीकेज हो जाने के कारण ट्रेन वाल्मीकि नगर और पनियहवा के बीच पुल पर रुक गई। जैसे ही ट्रेन वाल्मीकि नगर रोड स्टेशन से खुली UL वॉल्व से लीकेज होने लगा और गाड़ी KM-298/20 पुल संख्या 382 पर खड़ी हो गई।
बीच पुल ट्रेन रुक जाने से पैसेंजर्स में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। UL वॉल्व पुल के बीचो-बीच लीक हुआ था। ऐसे में लीकेज को बंद करना एक चुनौती थी। इस इमरजेंसी वाली स्थिति में ट्रेन के लोको पायलट अजय यादव और सहायक लोको पायलट रंजीत कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना पुल पर होते हुए ट्रेन के नीचे पहुंचे। और वॉल्व को ठीक किया। जिसके बाद ट्रेन सुरक्षित आगे के लिए बढ़ सकी।जब इंजन में एयर लीकेज की समस्या आई और ट्रेन रुक गई, तो यात्रियों में हड़कंप मच गया। लेकिन लोको पायलट अजय यादव और रंजीत कुमार ने अपनी साहस दिखाते हुए तुरंत समस्या का समाधान खोजा। अपनी जान की परवाह किए बिना, उन्होंने इंजन को ठीक करने का कार्य किया।
इस साहस के लिए रेलवे प्रशासन के द्वारा दोनों को पुरस्कृत किया जाएगा। डीआर एम बीना श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार को ट्रेन का वॉल्व खराब हो गया था, जिसमें लोको पायलट और सहायक ने ट्रेन के नीचे उतर कर ठीक किया। जिसके लिए रेलवे उन्हें 10 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित करेगा। उन्होंने बताया कि डबलिंग कार्य को लेकर उस पुल को भी बदला जाएगा।