दसवें पातशाह का जीवन पूरे विश्व को आपसी भाईचारे, न्याय और बलिदान का संदेश देता है: संत कश्मीर सिंह

arun raj
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पटना:- दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें प्रकाश पर्व के अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पहुँच रही संगतों के लिए गुरुद्वारा कंगन घाट में संत बाबा कश्मीर सिंह जी भूरी वालों द्वारा श्रद्धा-भावना के साथ लंगर की शुरुआत की गई। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा देश-धर्म और मानवता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की अमर गाथा को स्मरण करते हुए बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा गुरुद्वारा कंगन घाट में लगाए गए विशाल पंडाल में आज अरदास उपरांत कार सेवा संत भूरी वालों के प्रबंधों के अंतर्गत लंगर आरंभ किया गया। इससे पूर्व संत बाबा कश्मीर सिंह भूरी वालों ने संगतों को नाम सिमरन करवाया तथा तख्त साहिब जी के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी दलीप सिंह जी द्वारा सरबत के भले की अरदास की गई। अरदास में तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब के मुख्य ग्रंथी, प्रबंधकीय बोर्ड, हजूरी कथा वाचक, कार सेवा वाले महापुरुष तथा बिहार प्रशासन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

इस दौरान तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी बलदेव सिंह, प्रबंधकीय बोर्ड के प्रधान सरदार जगजोत सिंह सोही, विधायक सरवन सिंह धुन्न तथा संत बाबा कश्मीर सिंह भूरी वालों द्वारा सिंह साहिबान एवं अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया गया।

तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब प्रबंधकीय बोर्ड के प्रधान सरदार जगजोत सिंह सोही ने लंगर आरंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने देश और समाज के लिए सर्वस्व बलिदान किया और उनके यहाँ आगमन पर बिहारवासी गर्व और सौभाग्य अनुभव करते हैं। गुरु जी की अतुलनीय कुर्बानी का विश्व इतिहास में कोई उदाहरण नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि गुरु जी द्वारा समस्त मानवता के लिए दी गई अद्वितीय शहादत हमारे लिए प्रेरणास्रोत है। इसी कारण गुरु साहिब का प्रकाश पर्व तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब द्वारा संत बाबा कश्मीर सिंह जी भूरी वाले, प्रशासन और समस्त संगतों के सहयोग से बड़े स्तर पर श्रद्धा-भावना के साथ मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक समागम निरंतर 27 दिसंबर तक चलते रहेंगे। प्रधान सोही ने कहा कि ये समागम न केवल गुरु जी के महान जीवन दर्शन को नमन करते हैं, बल्कि उनके उच्च आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा भी देते हैं।

इस अवसर पर संत बाबा कश्मीर सिंह भूरी वालों ने गुरु साहिब के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि गुरु गोबिंद सिंह जी के सर्वस्व बलिदान की महान गाथा को स्मरण कर नई पीढ़ी को आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देने वाला ऐतिहासिक अवसर है। उनके जीवन दर्शन की रोशनी समूचे संसार को आपसी भाईचारे, न्याय और बलिदान का संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के आगमन पर्व को समर्पित संप्रदाय कार सेवा धूरी वालों द्वारा गुरुद्वारा कंगन घाट में बाबा सुखविंदर सिंह जी, बाबा गुरविंदर सिंह के प्रबंधों के अंतर्गत प्रकाश पर्व समागमों तक निरंतर लंगर जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि कार सेवा भूरी वालों द्वारा गुरुद्वारा कंगन घाट के अतिरिक्त गुरुद्वारा बाल लीला साहिब तथा ओपी शाह कम्युनिटी हॉल में भी लंगर सेवा जारी है।

इस अवसर पर तख्त श्री हरिमंदर जी पटना साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी बलदेव सिंह, हेड ग्रंथी ज्ञानी दलीप सिंह, अतिरिक्त हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरदयाल सिंह, विधायक सरवण सिंह धुन्न (खेमकरण), विधायक रतनेश कुमार (पटना), सुमीत सिंह कलसी, जनरल सेक्रेटरी इंदरजीत सिंह, बाबा सिंह गुमानपुर (शिरोमणि कमेटी सदस्य), सदस्य हरपाल सिंह जौहल, बाबा सुखविंदर सिंह जी भूरी वाले, बाबा गुरविंदर सिंह, बाबा अवतार सिंह धत्तल, बाबा महिंदर सिंह जी दिल्ली वाले, बाबा गुरिंदर सिंह रूबी पटियाले वाले, बाबा हरिंदर सिंह धमधान साहिब, बाबा गुरनाम सिंह कैथल, पंज प्यारे साहिबान—ज्ञानी अमरजीत सिंह, ज्ञानी परसूराम सिंह जी, ज्ञानी रोशन सिंह और ज्ञानी जसवंत सिंह जी, डीएसपी डॉ. गौरव कुमार, सरदार सुदीप सिंह, बाबा साहिब सिंह किला आनंदगढ़, तख्त साहिब के हेड कथावाचक ज्ञानी सुखदेव सिंह व ज्ञानी सतनाम सिंह, बाबा जग्गा सिंह, बाबा सोहन सिंह, बाबा हरि सिंह, बाबा राजन सिंह, बाबा शिंदर सिंह, बाबा प्रगट सिंह, बाबा गोपी सरपंच, बाबा करन काहलों, सरदार मनोहर सिंह, बाबा जस्स, बाबा मल सिंह, प्रचारक भगवान सिंह जोहल, गुरमेज सिंह, उमेद सिंह, बाबा नरेंद्र सिंह, बाबा महल सिंह, गुरवंत सिंह यात्री, जगिर सिंह मैनेजर, एडवोकेट मनजीत सिंह छीना, सुखराज सिंह संधू, सुख ग्वालियर, चेयरमैन हरविंदर सिंह अलावलपुर, सरपंच हरवंत सिंह लोपो, प्रधान गुरनाम सिंह बरीला, हरपाल सिंह किट्टू काहलो, संत हरपाल सिंह काहलों, मनिंदर सिंह सरजे चक सहित बड़ी संख्या में गुरु नानक नाम लेवा संगतें उपस्थित रहीं।

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