गया: कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या की घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा देखा जा रहा है. जगह-जगह लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी क्रम में गया शहर के आजाद पार्क से स्कूली बच्चों ने आक्रोश मार्च निकाला. इस आक्रोश मार्च में स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ साथ शिक्षक व चिकित्सक गण भी शामिल हुए। इसके साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी उपस्थित हुए।
यह आक्रोश मार्च आजाद पार्क से निकलकर शहर के विभिन्न सड़क मार्ग से होता हुआ जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा। आक्रोश मार्च में शामिल छात्रा राधा शर्मा ने बताया कि कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत हुई है. वह हमारे लिए दीदी समान थी। डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है, ऐसे में इस तरह की घटना निंदनीय है। एक मां अपने बेटी के शरीर पर एक खरोंच तक बर्दाश्त नहीं कर सकती, लेकिन उनके साथ दरिंदगी की हद पार कर दी गई. पीड़ित परिवार पर क्या बीतती होगी ? हम मांग करते हैं कि दोषी को फांसी की सजा दी जाए।
वही इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे जीडी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर धर्मशाही ने बताया कि कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना काफी शर्मनाक है. इससे साबित होता है कि देश में बेटियां सुरक्षित नहीं है. निर्भया कांड, हाथरस कांड सहित कोलकाता की इस घटना ने साबित कर दिया है कि अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ा हुआ है. हम लोग बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा देते हैं, लेकिन यह अब एक नारा बनकर ही रह गया है. उनकी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं हो रहा है. इस तरह की घटना के बाद भी लोग शांत है, यह साबित करता है कि लोग बेटियों-बहनों को सुरक्षित नहीं देखना चाहते हैं. अगर एक महिला डॉक्टर के साथ इस तरह की घटना होगी तो आम-आवाम के साथ और क्या हो सकता है ? कोई भी अपनी बेटी को डॉक्टर बनना नहीं चाहेगा. यही वजह है इस घटना के विरोध में जीडी पब्लिक स्कूल के अलावा ज्ञान भारती वर्ल्ड स्कूल के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग, चिकित्सक शिक्षक व कई गणमान्य लोग शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि फिर इस तरह की हैवानियत किसी और के साथ ना हो.