पटना सिटी से अरुण कुमार:- कहा जाता है राम नाम सत्य है लेकिन कुछ लोग इस सत्य और असत्य करने में जुटे है। जब किसी की अंतिम शोभा यात्रा निकलती है तो लोग राम नाम सत्य कहते हुए श्मशान घाट पहुंचते हैं और उन्हें अंतिम विदाई दी जाती है लेकिन श्मशान घाट पर दाह संस्कार करने आने वाले लोगों के साथ लूट-खसोट का मामला प्रकाश में आया हैं।
यह पूरा मामला पटना सिटी के खाजेकलां श्मशान घाट से जुड़ा हैं। यह घाट अति प्राचीन घाट हैं जहां पर शवों का अंतिम संस्कार किया जाता हैं। यहां पर बना विद्युत शवदाह गृह जो खराब पड़ा हुआ हैं, लेकिन इसपर न ही पटना नगर निगम का ध्यान है ना ही पटना की महिला मेयर का ध्यान इस ओर है ऐसे में अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
दूसरी तरफ अगर बात करे तो कोई अंतिम संस्कार करने और मृतकों की अस्थियों का विर्सजन करने के लिए इस घाट पर पहुंचता हैं तो लोगों से मनमानी कीमत वसूली जाती हैं। यहां तक की अगर गरीब असहाय लोग मनमाना रूपये देने में असमर्थ हैं तो अंतिम संस्कार करने से इनकार किया जाता हैं।
वहीं इस पूरे मामले की जानकारी समाजसेवी रामजी योगेश ने पत्रकारों को देते हुए ने बताया की खाजेकलां घाट पर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए 5 से 10 हजार रूपये वसूला जा रहा हैं तो सोचने वाली बात हैं अगर दिनभर में 10 शव भी यहां आती हैं तो प्रतिदिन 1 लाख रूपये की वसूली इस घाट पर हो रही हैं जिसका कोई सुध लेने वाला नहीं हैं।
वहीं दूसरी तरफ पटना जिला सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने कहा की अधिकतर मृतक लोगों का शव खाजेकलां घाट पर ही जलता हैं और ऐसे में यहां शव को जलाने और लकड़ी का कोई तय दर नहीं हैं। डोम महाराज द्वारा मनमाना पैसा लिया जाता हैं, जो की बिल्कुल गलत हैं। जिसपर ध्यान देने वाला कोई नहीं हैं। ऐसे में आम जनता ऐसे लोगों के सामने विवश होते देखे जा रहे हैं।
ऐसे में समिति के महासचिव ने मांग किया है कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कारवाई की जाए जिससे लोगों की परेशानिया दूर हो।