पटना :- राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत के बाद भी उसके नेता जीत के सदमे से अबतक उबर नहीं पाए हैं और विधानसभा चुनाव में मिली अप्रत्याशित जीत को वे खुद हीं नहीं पचा पा रहे हैं। अबतक तो हारने वाले को हीं सदमे की बात सुनी जाती थी पर एनडीए नेता तो जीतने के बाद भी सदमे के दौर से गुजर रहे हैं। इसीलिए आज भी उनके दिल और दिमाग से तेजस्वी यादव नहीं निकल रहे हैं। और वे तेजस्वी फोबिया से परेशान हैं।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि स्वाभाविक जीत और गैर स्वाभाविक जीत में यही बड़ा फर्क है अन्यथा जिस गठबंधन को इतना बड़ा जनादेश मिलेगा उसे विपक्ष पर टिका-टिप्पणी करने की जरुरत हीं नहीं होगी। उसके उपर जनादेश का इतना बड़ा दबाव रहेगा कि उसे जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरने की बेचैनी रहेगी। उसके व्यवहार में उच्छृंखलता और हल्कापन नहीं बल्कि स्वाभाविक रूप से विनम्रता और गंभीरता आ जाएगी।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि जदयू के मुख्य प्रवक्ता सहित एनडीए नेताओं के बयान से यह स्वतरू साबित होता है कि बिहार के लोगों का जनसमर्थन तेजस्वी यादव के साथ है। और जनसमर्थन के मामले में एनडीए के सारे नेता तेजस्वी यादव के सामने बौने हैं। अन्यथा इतनी बड़ी जीत के बाद भी एनडीए नेताओं को आज तेजस्वी यादव के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने की जरुरत नहीं होती।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि दरअसल एनडीए और उसमें शामिल दलों के अन्दर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसीलिए एक दूसरे पर दबाव बनाने के साथ हीं दल के विधायकों पर भी दबाव बनाने लिए हीं भाजपा और जदयू के नेता दूसरे दलों के विधायकों द्वारा सम्पर्क किए जाने के झूठे दावे किए जा रहे हैं।
एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत के बाद भी उसके नेता तेजस्वी फोबिया से ग्रसित