गोपालगंज से नमो नारायण मिश्रा:- सूबे में पूर्ण शराब बंदी है लेकिन शराब तस्कर सरकारी नियमों को ताख पर रखकर खुलेआम शराब की तस्करी करने में मशगूल है ,लगातार बेखौफ होकर शराब की तस्करी कर रहे हैं हालांकि इन शराब तस्करों को पुलिस पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजती है इसके बाबजूद भी शराब तस्कर सरकारी नियम कानून को धज्जियां उड़ाते हुए शराब तस्करी कर रहे हैं ताजा मामला गोपालगंज का है जहां पुलिस ने एक नांव पर लदी शराब को पकड़ा है वहीं शराब तस्कर नाव से नदी में छलांग लगाकर फरार हो गए है।
बताते चले कि शराब माफियाओं पर इन दिनों गोपालगंज पुलिस काफी दबिश बनाए हुई है लेकिन शराब तस्कर नए हथकंडे अपना कर शराब तस्करी में लगे हुए हैं। जमीनी रास्ते पर जिला प्रशासन ने सख्त पहरा लगाया रखा है तो अब रात के अंधेरे में नदी के रास्ते से बड़े पैमाने पर शराब तस्करी शुरू हो गई है। इसकी बानगी बिहार के गोपालगंज में देखने को मिल रही है।
पुलिस ने यूपी से बिहार आ रही शराब की एक बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। हालांकि शराब तस्कर पुलिस को चकमा देकर नदी में छलांग लगाकर फरार हो गए। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही हैं।
इस मामले में जादोपुर थानाध्यक्ष पिंटू कुमार को सूचना मिली थी कि नदी के रास्ते शराब की बड़ी खेप आने वाली है। जादोपुर थानाध्यक्ष पिंटू कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दियारे इलाके में छापेमारी कर देशी शराब से भरी एक नाव बरामद की है। तस्कर उत्तर प्रदेश से नदी के जरिए शराब की तस्करी कर बिहार ला रहे थे।
वहीं शराब तस्करी मामले में एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि दो लाख से ज्यादा कीमत की शराब बरामद किया गया है नाव से बरामद 52 कार्टन यानि 468 लीटर देशी शराब की अनुमानित बाजार मूल्य करीब दो लाख रुपये बतायी जा रही है। वहीं गंडक नदी में पुलिस की टीम के द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी से शराब माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस की माने तो गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही शराब तस्कर सक्रिय हो जाते है और रात के अंधेरे में नाव के जरिए यूपी से शराब की खेप लेकर बिहार में आते है और फिर बड़े आराम से शराब की खेप को खपा देते हैं।